एक काला
बहुत ही काला
काला स्याह
एकदम काला
अमावस्य का बड़ा भाई
पहाड़ी कौए का परदादा
कोयल संप्रदाय का दादू
बंगाल का काला जादू
तारकोल जिसके पैरों में भक्ति भाव से पसरता हो,
कोयला जिसका रूप रंग पाने के लिये, सदियों तक जमीन के नीचे बैठ कर तपस्या करता हो
जिसदिन उस कालानुभाव के दर्शन हुए, जमीन थमी रह गयी
अब इससे ज्यादा क्या कहुँ,
इतना कहने के बाद भी, मेरे पास शब्दों की कमी रह गयी
शादी होते ही माँ-बाप को धक्के देकर बाहर निकाल देने वाली औलाद सा कपूत,
कुल मिला कर इतना काला जितनी किसी भ्रष्ट नेता की करतूत
एक दुकान पर गया
ना शर्म ना हया
बोला - फेयर एण्ड हैंडसम है
दुकानदार ने कहा नहीं
तो कहने लगा -
फेयर नैस जैसी कोई और क्रीम सही
दुकानदार बोला वो भी नहीं
तो बोला - कोई और
तो जब इस बार भी गर्दन दुकानदार ने इंकार में हिलाई
तो कहने लगा - Cherry Blossom ही दे दे
कम से कम चमक तो बनी रहेगी भाई
बहुत ही काला
काला स्याह
एकदम काला
अमावस्य का बड़ा भाई
पहाड़ी कौए का परदादा
कोयल संप्रदाय का दादू
बंगाल का काला जादू
तारकोल जिसके पैरों में भक्ति भाव से पसरता हो,
कोयला जिसका रूप रंग पाने के लिये, सदियों तक जमीन के नीचे बैठ कर तपस्या करता हो
जिसदिन उस कालानुभाव के दर्शन हुए, जमीन थमी रह गयी
अब इससे ज्यादा क्या कहुँ,
इतना कहने के बाद भी, मेरे पास शब्दों की कमी रह गयी
शादी होते ही माँ-बाप को धक्के देकर बाहर निकाल देने वाली औलाद सा कपूत,
कुल मिला कर इतना काला जितनी किसी भ्रष्ट नेता की करतूत
एक दुकान पर गया
ना शर्म ना हया
बोला - फेयर एण्ड हैंडसम है
दुकानदार ने कहा नहीं
तो कहने लगा -
फेयर नैस जैसी कोई और क्रीम सही
दुकानदार बोला वो भी नहीं
तो बोला - कोई और
तो जब इस बार भी गर्दन दुकानदार ने इंकार में हिलाई
तो कहने लगा - Cherry Blossom ही दे दे
कम से कम चमक तो बनी रहेगी भाई




11 टिप्पणियाँ:
बहुत उम्दा!!
यह आपकी रचना तो नहीं है...
काले पन की चमक का जवाब नीं। कभी उम्र होने पर गोदरेज हेयर डाई के बगैर जीवन की कल्पना करें!
आलोकजी लेखकीय शालीनता का तकाजा है कि इस कविता के रचियता वेदप्रकाशजी का नाम भी आप इसमें दें।
बहुत ही शानदार. वेदप्रकाश जी को लिखने के लिए और आपको इसे हम तक पहुंचाने के लिए धन्यवाद..
वेदप्रकाश जी की रचना पढ़कर आनन्द आ गया. हमारे काम की है सलाह!! :)
मुर्ख दिवस की हार्दिक बधाईया ..
बहुत आभार आपका. मुर्खम दिवसम की बधाई.
रामराम.
बढिया है ... धन्यवाद।
भाई सभी मुर्खो को हमारी तरफ़ से बधाई
मुर्ख दिवस की हार्दिक बधाईया.......
कम से कम चमक तो बनी रहेगी भाई
:)
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