20 April, 2009

गजबे हो जायेगा

एक जजमान कथा सुन रहे थे . पंडित जी ने कथा शुरू होने के पहले ही जजमान को बता दिया था कि कथा के बीच में उठना मना है . जब पंडित जी को कथा बाचते बहुत समय हो गया तो जजमान ने पंडित जी से पूछा "महाराज अगर कथा के बीच में उठना चाहूँ तो क्या उठ सकता हूँ ? ".

पंडित जी बोले "नहीं , जजमान आप कथा के बीच से उठ कर कहीं नहीं जा सकते ".

जजमान बोले "पंडित जी , अगर कोई आवश्यक कार्य हो तो ?".

पंडित जी बोले "नहीं , जजमान अगर ऐसा करेगे तो कथा फलित नहीं होगी ".

जजमान बोले "पंडित जी , अगर लघुशंका जाना हो तो ?".

पंडित जी बोले "तो जजमान आप धीरे से उठ कर चले जाइये और हाथ-पैर धोके, थोड़ासा जल ऊपर छिड़क कर, वापस आके बैठ जाइये "।

जजमान बोले "महराज, अगर दीर्घ शंका जाना हो तो ? "

पंडित जी बोले "जजमान , तबतो गजबे हो जायेगा ".

जजमान बोले "महराज , गजबे करके तो बैठे हुए है , अब बताइए क्या करे ?"

30 टिप्पणियाँ:

हिमांशु । Himanshu ने कहा…

समस्त शास्त्र-पुराण यहाँ मौन हो जाते हैं ।

Syed Akbar ने कहा…

इस पर किसी का वश नहीं.... :)

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र ने कहा…

इसके बाद पंडित जी ने जजमान से कहा इसके बाद कोई धर्म -पुराण काम नहीं आते है . आनंद आ गया भाई आलोक सिह जी पढ़कर बहुत ही हंसी आ रही है . बहुत बहुत धन्यवाद.

परमजीत बाली ने कहा…

बहुत खूब!!लगता है धूप बत्तीयां ज्यादा जल रही थी;))

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

गजबै लिखे हो भाई .

PN Subramanian ने कहा…

वाकई गजबे हुई गवा. मजा आ गया.

संगीता पुरी ने कहा…

वाकई गजबे ...

अनिल कान्त : ने कहा…

ha ha ha
maza aa gaya

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi ने कहा…

इसका भी प्रावधान है। मंत्रों से शुद्धिकरण कर दिया जाए। गर जजमान उठ गया तो गजबे हो जाएगा ना :)

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

जय हो आलोक महारज की जय.

रामराम.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

भूल सुधार :-

महारज = महाराज

RAJIV MAHESHWARI ने कहा…

इस में इतना घबराना क्या ....दक्षिणा जरा........सब सम्भाल लेगे पंडित जी ...

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

गजब! दबाव बनने लगा पोस्ट पढ़ते ही!

लखबीर सिंह ने कहा…

गजबे लिखे है !!
:)

इन्द्रजीत सिंह ने कहा…

वाह , महाराज गजब लिखे है , गजबे पढ़ा रहे है !!!!!!!

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

:) वाकई गजबे होई गया यह तो :)

piyush ने कहा…

जजमान तो गजब थे , गजब ढा दिए .
:)

अभिषेक ओझा ने कहा…

आप तो गजबे लिख मारे हैं :-)

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) ने कहा…

वाकई यह तो बहुत गजबे का लिखा आपने..

Shiv Kumar Mishra ने कहा…

गजबे!

Mostly Linux ने कहा…

Woowwwwwww.......... That was nice one. Keep it up.... Looking and expecting some more one like this from you.....

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बस एक यही चीज़ ऐसी है जिस पर कोई बस नहीं................

Shastri ने कहा…

वाकई में गजब हो गया क्योंकि इस पर किसका वश चलता है!!!

आपके चिट्ठे को सारथी पर "पसंदीदा चिट्ठे" पर जोड दिया गया है. जरा एक नजर डाल लें

सस्नेह -- शास्त्री

हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
http://www.Sarathi.info

incitizen ने कहा…

यार हंसा हंसा कर फंसा रहे हो.

डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह ने कहा…

Dear Alok ,very good chutkula no doubt,almost all the posts are good and full of laughter.
I also hail from Pratapgarh sadar and working as professor atRewa in mp govt PG.College and research centre. my best wishes
yours
Dr.Bhoopendra
email bksrewa@gmail.com 9425898136

RAVINDRA SWAPNIL PRAJAPATI ने कहा…

aalok ji aap ne sahi tippni ki h.... me is badlov ko swikar karne ki kosis kar raha hoon.sirf itna ki ye badlav me kuch chizen gum ho gai hain.

aachcha ye shavd pushtikaran hatane ki pirkiriya batayenge, kirpa hogi....

swapnil

Nirmla Kapila ने कहा…

vah vah taaliyan taliyan------------------------

Neha ने कहा…

badhiya hai...........kabhi kabhar hi aisa kuch padhne main aata hai....dhanyawaad

लवली कुमारी / Lovely kumari ने कहा…

ha ha ha ..gajabe likha hai bhai :-)

shama ने कहा…

Uff ! Ab iske aage koyi kya kahega...?

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