02 September, 2009

जिंदगी एक उड़ान है


जिंदगी एक उड़ान है
सुख और दुःख इसमे एक समान है
लगता है देखकर दूसरों को उड़ना आसान है
पर आती है कितनी मुश्किलें हम तो अन्जान है
जिंदगी की इस दौड़ में हर कोई मेहमान है
पुरे कर लिए अपने सपने जिसने , वो ही महान है
कुछ ऐसे लोग भी है जो जिन्दगी से परेशान है
हार कभी न मानना, ये तो जिन्दगी का इम्तहान है
जिन्दगी दिखा रही है हर रोज खेल नए , हमें इसका गुमान है
कभी कुछ खो के , कभी कुछ पा के हम हैरान है
जो हार गया समय से पहले , तो ये जिन्दगी का अपमान है
मिली है बड़ी मुश्किलों से ये जिन्दगी , ये ऊपर वाले का अहसान है
गिर कर फिर सभलना ही जिन्दगी की पहचान है
जो दुसरो के लिए कुछ कर जाए , तो ये जिन्दगी की शान है
जिंदगी एक लम्बी उड़ान है
सुख और दुःख इसमे एक समान है

6 टिप्पणियाँ:

cmpershad ने कहा…

"जिंदगी एक लम्बी उड़ान है
सुख और दुःख इसमे एक समान है "

सुख और दुख समान भले ही मिले पर लगता है सुख के पल थोडे थे और दुख काटे नहीं कटता:)

RAJIV MAHESHWARI ने कहा…

खूबसूरत भावाभिव्यक्ति।

बहुत ही सुक्ष्म अनुभुतियों को आपने सुंदर तरीके से इस रचना में पिरो दिया है. बहुत शुभकामनाएं.

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

वाह, राजेश रेड्डी की याद हो आयी उड़ान के नाम से!

राज भाटिय़ा ने कहा…

गिर कर फिर सभलना ही जिन्दगी की पहचान है
जो दुसरो के लिए कुछ कर जाए , तो ये जिन्दगी की शान है
बहुत सुंदर.
धन्यवाद

अनिल कान्त : ने कहा…

kavita ke maadhyam se bahut sahi baatein kahin aapne

vikram7 ने कहा…

जिंदगी एक लम्बी उड़ान है
सुख और दुःख इसमे एक समान है
अति सुन्दर

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